इरादे
~
वक़्त थोड़ा धीरे चल,
मुझे कुछ तेज़ चलना है
ख्वाहिशें कुछ बड़ी हैं
इरादे और भी ज़्यादा हैं
नूर
आओगे फिर से जब तुम सामने,
खूब तसल्ली से देखेंगे
क्या नूर में अब भी वो ही चमक है
या और गहरा गयी है
खुशियां
दुखों में डूब लेना एक अच्छी आदत थी मुझे,
खुशियों संग रहके देखा तो मज़ा आ गया
हाल-इ-दिल
हाल-इ-दिल कुछ यूँ बयान करना है
पहले खुद के लिए लड़ना है
फिर जाके ज़माने को संभालना है
रास्ते तो अब भी वहीँ है
बस देखने का नज़रिया बदल गया है
बदलते नज़रिये
इरादे ~ वक़्त थोड़ा धीरे चल, मुझे कुछ तेज़ चलना है ख्वाहिशें कुछ बड़ी हैं इरादे और भी ज़्यादा हैं