रास्ते तो अब भी वहीँ है
बस देखने का नज़रिया बदल गया है
~
बदलते नज़रिये
इरादे ~ वक़्त थोड़ा धीरे चल, मुझे कुछ तेज़ चलना है ख्वाहिशें कुछ बड़ी हैं इरादे और भी ज़्यादा हैं
No comments:
Post a Comment